ऑनलाइन हिंदी टाइपिंग टेस्ट – गति जाँचें, शुद्धता सुधारें

अनुच्छेद चुनें, टाइप करना शुरू करें और लाइव WPM व शुद्धता देखें। टेस्ट पूरा होने पर अपना नाम और तिथि भरकर हिंदी में रंगीन PDF सर्टिफिकेट डाउनलोड करें।

हिंदी टाइपिंग टेस्ट दें
5 अनुच्छेदलाइव WPM और शुद्धताहिंदी PDF सर्टिफिकेट

ऑनलाइन हिंदी टाइपिंग टेस्ट: अभी शुरू करें

पहला अक्षर टाइप करते ही टाइमर शुरू होगा। हिंदी कीबोर्ड (इनस्क्रिप्ट या फ़ोनेटिक) चालू रखें। सर्टिफिकेट के लिए टेस्ट पूरा करें।

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टाइपिंग सर्टिफिकेट डाउनलोड करें: नाम भरें, तिथि चुनें और PDF डाउनलोड करें।

सर्टिफिकेट आपके ब्राउज़र में ही बनता है, आपका नाम कहीं अपलोड नहीं होता। यह अभ्यास टेस्ट का सर्टिफिकेट है, आधिकारिक परीक्षा प्रमाणपत्र नहीं।

हिंदी टाइपिंग टेस्ट से क्या मिलता है

हिंदी टाइपिंग टेस्ट आपको कुछ ही मिनटों में अपनी कीबोर्ड गति का सही अंदाज़ा देता है। आप दिया गया अनुच्छेद जितना शुद्ध हो सके उतना टाइप करते हैं, और पेज बताता है कि आपने प्रति मिनट कितने शब्द टाइप किए और कितने प्रतिशत अक्षर सही थे। कुछ इंस्टॉल नहीं करना है और कोई शुल्क नहीं है।

असली फ़ायदा एक संख्या से नहीं, नियमित अभ्यास से मिलता है। कुछ हफ्तों तक एक जैसी स्थिति में टेस्ट देने पर आपको अपनी प्रगति साफ़ दिखती है। इसलिए यहाँ पाँच अलग अनुच्छेद, कई समय सीमाएँ और बिना टाइमर का अभ्यास मोड दिया गया है।

गति और शुद्धता कैसे मापी जाती है

गति WPM में दिखती है, यानी टाइप किए गए कुल अक्षरों को पाँच से भाग देकर मिनट से भाग दिया जाता है। शुद्धता का मतलब है सही टाइप किए अक्षरों का प्रतिशत। हिंदी में मात्राएँ भी अक्षर के रूप में गिनी जाती हैं, इसलिए मात्रा की गलती भी शुद्धता घटाती है। दोनों संख्याओं को साथ में पढ़ें, क्योंकि गति बढ़ने के साथ शुद्धता गिरे तो असली उत्पादकता नहीं बढ़ती।

यह पेज अभ्यास के लिए है। सरकारी भर्ती परीक्षाओं (जैसे CPCT या कोर्ट टाइपिंग) के अपने नियम और कीबोर्ड लेआउट होते हैं, इसलिए उनका स्कोर यहाँ से अलग हो सकता है।

हिंदी टाइपिंग के आसान सुझाव

सही कीबोर्ड चुनें। इनस्क्रिप्ट सरकारी परीक्षाओं में आम है और एक बार सीख लेने पर बहुत तेज़ चलता है। फ़ोनेटिक कीबोर्ड शुरुआत के लिए आसान है। धीरे और साफ़ टाइप करें। पहले शुद्धता पर ध्यान दें, गति अपने आप बढ़ेगी। मात्राओं पर ध्यान दें। छोटी-बड़ी इ-ई, उ-ऊ और अनुस्वार-चंद्रबिंदु की गलतियाँ सबसे आम हैं। सही मुद्रा रखें। पीठ सीधी, कलाई ढीली और स्क्रीन आँखों के सामने रखें। हाथों में दर्द या सुन्नपन हो तो रुकें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से मिलें।

पाँच अनुच्छेद और उनका अभ्यास

शब्द अभ्यास में रोज़ के शब्द हैं, जो उँगलियों की चाल और लय सुधारते हैं। दैनिक जीवन में विराम चिह्नों के साथ सामान्य वाक्य हैं। छोटी कहानी एकाग्रता और सहनशक्ति बढ़ाती है। अंक और चिह्न में रुपये का चिह्न, समय, तिथि और फ़ोन नंबर हैं, जहाँ गलतियाँ ज़्यादा होती हैं। कार्यालय नोट्स दफ़्तर के काम जैसे टेक्स्ट का अभ्यास कराते हैं। हर दिन एक अलग अनुच्छेद चुनें और जिसमें सबसे ज़्यादा लाल अक्षर आएँ, उसे अगले दिन दोबारा करें।

हिंदी टाइपिंग सर्टिफिकेट के बारे में

टेस्ट पूरा होने पर नाम और तिथि भरकर आप हिंदी में PDF सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं, जिसमें गति, शुद्धता, अवधि, सही शब्द और तिथि दर्ज होती है। यह आपके ब्राउज़र में बनता है और यह अभ्यास टेस्ट का रिकॉर्ड है, आधिकारिक या सरकारी प्रमाणपत्र नहीं।

ऑनलाइन हिंदी टाइपिंग टेस्ट के फ़ायदे

ऑनलाइन टेस्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपको कोई सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल नहीं करना पड़ता। ब्राउज़र खोलिए, पेज पर आइए और कुछ ही सेकंड में टेस्ट शुरू कर दीजिए। यह कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल, सभी पर चलता है, इसलिए आप घर पर, दफ़्तर में या सफ़र के बीच भी अभ्यास कर सकते हैं।

दूसरा फ़ायदा तुरंत मिलने वाला परिणाम है। हर अक्षर टाइप करते ही वह हरा या लाल हो जाता है, और ऊपर गति तथा शुद्धता लगातार बदलती रहती है। इससे आप गलती उसी समय देख लेते हैं और अगली बार वही गलती दोहराने से बचते हैं। तीसरा फ़ायदा यह है कि आप जितनी बार चाहें टेस्ट दोहरा सकते हैं, और कोई शुल्क या पंजीकरण नहीं है।

टेस्ट शुरू करने से पहले की तैयारी

सबसे पहले जाँच लें कि आपके डिवाइस में हिंदी कीबोर्ड चालू है और भाषा बदलने का बटन आसानी से मिल रहा है। टाइपिंग बॉक्स में एक-दो शब्द आज़माकर देख लें कि अक्षर देवनागरी में आ रहे हैं। ब्राउज़र को नया रखें और पेज पर ज़ूम सामान्य स्तर पर रखें, ताकि अनुच्छेद साफ़ दिखे।

शांत जगह चुनें और कुर्सी पर सीधे बैठें। कलाइयाँ ढीली रखें और स्क्रीन आँखों की सीध में हो। पहली बार टेस्ट दे रहे हों तो बिना टाइमर वाला अभ्यास मोड चुनें, ताकि आप अनुच्छेद और कीबोर्ड से परिचित हो जाएँ। इसके बाद एक मिनट का टेस्ट आपके लिए अच्छी शुरुआत है।

अपना हिंदी टाइपिंग स्कोर सुधारने के चरण

पहला चरण: आधार स्कोर बनाएँ। तीन अलग दिनों में एक-एक मिनट का टेस्ट दें और तीनों का औसत नोट करें। यही आपका शुरुआती स्तर है। दूसरा चरण: शुद्धता पर टिकें। गति की चिंता छोड़कर ऐसी रफ़्तार से टाइप करें जिसमें लगभग कोई गलती न हो। तीसरा चरण: कमज़ोरी पहचानें। टेस्ट के बाद लाल अक्षर देखें और तय करें कि गलतियाँ मात्राओं में हैं, संयुक्ताक्षरों में हैं या अंकों और चिह्नों में। चौथा चरण: उसी हिस्से का अभ्यास करें। गलत शब्दों को अभ्यास मोड में धीरे-धीरे दोहराएँ। पाँचवाँ चरण: गति थोड़ी बढ़ाएँ। जब शुद्धता स्थिर हो जाए, तब गति को थोड़ा-थोड़ा बढ़ाएँ।

हर दो हफ़्ते में अपने नोट्स देखें और तुलना करें। अगर शुद्धता बढ़ रही है तो गति पर ध्यान दें, और अगर गति बढ़ने के साथ गलतियाँ भी बढ़ रही हैं तो रफ़्तार थोड़ी कम करें। परिणाम सबके लिए अलग समय में आते हैं, इसलिए किसी तय अवधि में तय गति का वादा नहीं किया जा सकता।

आम तकनीकी समस्याएँ और उनके समाधान

अक्षर अंग्रेज़ी में आ रहे हैं। इसका मतलब है कि आपका कीबोर्ड अभी अंग्रेज़ी पर है। भाषा बदलने का बटन दबाएँ या अपने डिवाइस में हिंदी कीबोर्ड जोड़ें। मात्राएँ गलत जगह लग रही हैं। यह अक्सर कीबोर्ड लेआउट की आदत की वजह से होता है। एक ही लेआउट, जैसे इनस्क्रिप्ट, पर कुछ हफ़्ते टिके रहें। पाठ का अक्षर टूटा या अजीब दिख रहा है। पेज को एक बार रिफ़्रेश करें ताकि फ़ॉन्ट ठीक से लोड हो जाए।

टाइमर शुरू नहीं हो रहा। टाइमर पहला अक्षर टाइप करते ही शुरू होता है, इसलिए पहले टाइपिंग बॉक्स में क्लिक करें। पेस्ट काम नहीं कर रहा। यह जान-बूझकर बंद है, ताकि टेस्ट सच्चे टाइपिंग कौशल को ही नापे। सर्टिफिकेट डाउनलोड नहीं हो रहा। पहले टेस्ट पूरा करें, फिर नाम और तिथि भरें। अगर PDF न बने तो PNG विकल्प आज़माएँ।

विद्यार्थी, लेखक और कर्मचारी: सबके लिए अलग लक्ष्य

विद्यार्थी के लिए लक्ष्य अक्सर स्कूल के प्रोजेक्ट और परीक्षा की तैयारी होते हैं, इसलिए उसे छोटे, रोज़ के सत्र और शुद्धता पर ज़ोर देना चाहिए। लेखक और ब्लॉगर के लिए लंबे अनुच्छेद और सहनशक्ति ज़्यादा मायने रखती है, इसलिए उन्हें दो और पाँच मिनट के टेस्ट चुनने चाहिए। दफ़्तर के कर्मचारियों के लिए अंक, तिथि और चिह्न वाला अनुच्छेद सबसे उपयोगी है, क्योंकि रिपोर्ट और फ़ॉर्म में यही सबसे ज़्यादा काम आते हैं। अपने काम के हिसाब से अनुच्छेद और समय चुनें, और उसी को नियमित रूप से दोहराएँ।

हिंदी टच टाइपिंग क्या है और क्यों सीखें

टच टाइपिंग का मतलब है कीबोर्ड को देखे बिना, उँगलियों की याददाश्त से टाइप करना। हर उँगली की अपनी तय चाबियाँ होती हैं और आँखें हमेशा स्क्रीन पर रहती हैं। शुरुआत में यह धीमा लगता है, क्योंकि आप पुरानी आदत छोड़ रहे होते हैं। लेकिन दो-तीन हफ्तों के नियमित अभ्यास के बाद गति और शुद्धता दोनों में फ़र्क दिखने लगता है।

हिंदी में टच टाइपिंग का फ़ायदा और भी ज़्यादा है, क्योंकि यहाँ अक्षर के साथ मात्राएँ, आधे अक्षर और संयुक्ताक्षर भी आते हैं। अगर आपकी उँगलियाँ चाबियों की जगह जानती हैं, तो ये सब आसानी से बैठ जाता है। विद्यार्थी, नौकरी की तैयारी करने वाले, डेटा एंट्री करने वाले और लेखक, सभी को इससे समय की बचत होती है।

इनस्क्रिप्ट, फ़ोनेटिक और रेमिंगटन: कौन-सा कीबोर्ड चुनें

इनस्क्रिप्ट भारत सरकार का मानक लेआउट है और Windows, Android और iPhone में पहले से मिलता है। इसमें बाईं ओर व्यंजन और दाईं ओर स्वर और मात्राएँ होती हैं, इसलिए एक बार याद होने पर टाइपिंग बहुत तेज़ चलती है। सरकारी परीक्षाओं में अक्सर यही लेआउट या इसका संस्करण मान्य होता है।

फ़ोनेटिक कीबोर्ड में आप अंग्रेज़ी अक्षरों में बोलकर लिखने जैसा टाइप करते हैं, जैसे "namaste" लिखने पर "नमस्ते" बन जाता है। यह शुरुआती लोगों के लिए आसान है, लेकिन मात्राओं में गलतियाँ ज़्यादा होती हैं और उससे गति सीमित हो सकती है।

रेमिंगटन पुरानी टाइपराइटर शैली का लेआउट है। कुछ अदालतों और विभागों की परीक्षाओं में इसका उपयोग होता है। परीक्षा में कौन-सा लेआउट मान्य है, यह हमेशा अपनी परीक्षा की अधिसूचना में देखें, और उसी लेआउट पर अभ्यास करें। जो लेआउट आप चुनें, उस पर कम से कम एक महीना टिके रहें, क्योंकि बार-बार बदलने से अभ्यास बेकार चला जाता है।

उँगलियों की सही स्थिति और होम रो

अपनी बाईं हथेली की उँगलियाँ बीच की पंक्ति पर रखें, यानी छोटी उँगली से तर्जनी तक चार चाबियों पर। दाईं हथेली की उँगलियाँ भी इसी तरह दूसरी चार चाबियों पर रहेंगी। दोनों अँगूठे स्पेस बार के ऊपर आराम से रहते हैं। इसे होम रो कहते हैं। हर चाबी दबाने के बाद उँगली वापस अपनी जगह पर लौटाएँ।

शुरू के दिनों में सिर्फ़ होम रो के अक्षरों का अभ्यास करें। फिर ऊपर की पंक्ति, फिर नीचे की पंक्ति जोड़ें। तेज़ी की चिंता मत करें। अगर आप गलत उँगली से चाबी दबाते हैं, तो उसे ठीक करने में समय लगता है और आदत बिगड़ती है। इसलिए शुरू में धीमे और सही तरीके से चलना ज़्यादा फ़ायदेमंद है।

मात्राओं और संयुक्ताक्षरों की आम गलतियाँ

हिंदी टाइपिंग में कुछ गलतियाँ लगभग सभी से होती हैं। छोटी इ और बड़ी ई, छोटे उ और बड़े ऊ की मात्राएँ आपस में बदल जाती हैं। अनुस्वार (ं) और चंद्रबिंदु (ँ) को लोग अक्सर एक जैसा मान लेते हैं। नुक़्ते वाले अक्षर, जैसे ज़, फ़ और ड़, छूट जाते हैं। हलंत लगाने वाले संयुक्ताक्षर, जैसे क्ष, त्र, ज्ञ और श्र, अटकाते हैं।

इनसे बचने के लिए टेस्ट के बाद लाल अक्षर ध्यान से देखें और उन शब्दों को अभ्यास मोड में धीरे-धीरे दस बार टाइप करें। यह तरीका सिर्फ़ ज़्यादा टेस्ट देने से कहीं बेहतर काम करता है, क्योंकि आप सीधे अपनी कमज़ोरी पर काम करते हैं।

सरकारी परीक्षाओं के लिए अभ्यास कैसे करें

कई भर्ती परीक्षाओं में हिंदी टाइपिंग टेस्ट होता है, जिसमें एक तय गति और तय शुद्धता चाहिए। हर परीक्षा के नियम अलग होते हैं: कुछ में गति शब्द प्रति मिनट में गिनी जाती है, कुछ में कीस्ट्रोक के आधार पर। कुछ में गलत शब्दों पर अंक कटते हैं और कुछ में पूरा पाठ दोबारा जाँचा जाता है। इसलिए सबसे पहले अपनी परीक्षा की अधिसूचना पढ़ें और देखें कि कौन-सा कीबोर्ड, कौन-सा फ़ॉन्ट और कितना समय दिया जाएगा।

इस पेज का टेस्ट अभ्यास के लिए है, इसका स्कोर किसी परीक्षा के स्कोर से सीधे नहीं मिलाया जा सकता। फिर भी यह आपको अपनी शुद्धता, लय और सहनशक्ति का अंदाज़ा देता है। परीक्षा से पहले के हफ़्तों में एक या दो मिनट के टेस्ट रोज़ दें, और हफ़्ते में एक बार पाँच मिनट का टेस्ट देकर अपनी सहनशक्ति जाँचें।

नौकरी में हिंदी टाइपिंग: डेटा एंट्री, अनुवाद और लेखन

हिंदी टाइपिंग की ज़रूरत कई कामों में पड़ती है। डेटा एंट्री में नाम, पते और अंक सही और तेज़ डालने होते हैं। अनुवाद और कंटेंट लेखन में लंबे पाठ लगातार टाइप करने होते हैं। दफ़्तर में पत्र, नोटिस और रिपोर्ट हिंदी में तैयार करनी पड़ सकती हैं। हर काम में अलग कौशल काम आता है: डेटा एंट्री में अंक और चिह्नों का अभ्यास, लेखन में लंबे अनुच्छेद का अभ्यास।

नौकरी के लिए आवेदन करते समय हमेशा यह पूछ लें कि वहाँ टाइपिंग टेस्ट किस सॉफ़्टवेयर और लेआउट में होगा। उसी माहौल में अभ्यास करने से परिणाम बेहतर आते हैं।

सही मुद्रा, रोशनी और हाथों की देखभाल

लंबे समय तक टाइप करने के लिए शरीर का आराम ज़रूरी है। कुर्सी पर पीठ सीधी रखें और पैर ज़मीन पर टिकाएँ। स्क्रीन आँखों की सीध में या थोड़ी नीचे हो, ताकि गर्दन न झुके। कलाइयाँ मेज़ पर टिकाकर नहीं, हल्की-सी ऊपर और सीधी रखें। कमरे में अच्छी रोशनी हो और स्क्रीन की चमक आसपास की रोशनी जैसी हो।

हर बीस-पच्चीस मिनट पर थोड़ा रुकें, हाथ खोलें-बंद करें, कंधे घुमाएँ और दूर देखें। अगर हाथ, कलाई या बाँह में दर्द, सुन्नपन या झुनझुनी रहे, तो टाइपिंग रोकें और योग्य डॉक्टर से सलाह लें। ये सुझाव सामान्य आराम की आदतें हैं, चिकित्सा सलाह नहीं।

सात दिन का हिंदी टाइपिंग अभ्यास कार्यक्रम

यह एक सुझाव है, जिसे आप अपने समय के अनुसार बदल सकते हैं। सोमवार: शब्द अभ्यास से शुरुआत करें, फिर एक मिनट का दैनिक जीवन टेस्ट दें। मंगलवार: अंक और चिह्न का अभ्यास मोड में करें और हर चिह्न पर ध्यान दें। बुधवार: छोटी कहानी का दो मिनट का टेस्ट दें। गुरुवार: पिछले टेस्ट की गलतियों वाले शब्दों को धीरे-धीरे दोहराएँ। शुक्रवार: कार्यालय नोट्स का एक मिनट का टेस्ट दें। शनिवार: सहनशक्ति के लिए पाँच मिनट का टेस्ट दें। रविवार: आराम करें या हल्का अभ्यास करें।

ज़्यादातर दिनों में पंद्रह से बीस मिनट काफ़ी हैं। समय कम हो तो सत्र छोटा रखें, पर नियमित रखें। लगातार थोड़ा अभ्यास कभी-कभार के लंबे अभ्यास से बेहतर है।

लक्ष्य तय करें और प्रगति लिखते रहें

अच्छे लक्ष्य साफ़ और यथार्थवादी होते हैं। "बहुत तेज़ टाइप करना है" के बजाय यह लक्ष्य रखें कि एक मिनट के टेस्ट में शुद्धता एक तय स्तर तक पहुँचे, या अंक और चिह्न वाले अनुच्छेद में लाल अक्षर कम हों। हर सत्र के बाद तिथि, अनुच्छेद, समय, गति, शुद्धता और एक सुधार का बिंदु नोट करें। डाउनलोड किया सर्टिफिकेट भी आपके रिकॉर्ड का हिस्सा बन सकता है।

अगर कुछ समय तक स्कोर नहीं बढ़ता तो निराश न हों। यह हर सीखने वाले के साथ होता है। आराम, अनुच्छेद बदलना या किसी कमज़ोर हिस्से पर ध्यान देना अक्सर फिर से प्रगति शुरू कर देता है। किसी तय समय में तय गति का वादा नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रगति हर व्यक्ति के लिए अलग होती है।

बच्चों और विद्यार्थियों के लिए हिंदी टाइपिंग

आज बच्चे स्कूल के प्रोजेक्ट, ऑनलाइन कक्षाओं और प्रतियोगिताओं के लिए कीबोर्ड का उपयोग करते हैं। हिंदी में टाइप करना सीखना उनके भाषा-ज्ञान को भी मज़बूत करता है, क्योंकि हर मात्रा और हर संयुक्ताक्षर पर उन्हें ध्यान देना पड़ता है। छोटे बच्चों के लिए दस से पंद्रह मिनट का रोज़ का अभ्यास हफ़्ते में एक लंबे सत्र से कहीं बेहतर है।

शुरुआत में बिना टाइमर वाला अभ्यास मोड चुनें और सही टाइप करने की तारीफ़ करें, गति की नहीं। जब आदत बन जाए, तब टाइमर वाले टेस्ट को खेल की तरह लें, जिसमें बच्चा सिर्फ़ अपने पिछले स्कोर से मुकाबला करे, दूसरों से नहीं। हर बच्चा अपनी रफ़्तार से सीखता है, इसलिए किसी तय गति का दबाव न डालें और छोटी सफलताओं, जैसे कम लाल अक्षर या सहज लय, का जश्न मनाएँ।

कंप्यूटर और मोबाइल पर हिंदी कीबोर्ड कैसे चालू करें

Windows कंप्यूटर: सेटिंग्स में समय और भाषा वाले भाग में जाकर हिंदी भाषा जोड़ें और उसका कीबोर्ड चुनें। इसके बाद टास्कबार पर भाषा बदलने का बटन दिखेगा, और आप अंग्रेज़ी व हिंदी के बीच आसानी से बदल सकेंगे। Mac: सिस्टम सेटिंग्स के कीबोर्ड वाले भाग में इनपुट स्रोत के रूप में हिंदी जोड़ें।

Android फ़ोन: Gboard जैसे कीबोर्ड में भाषाओं की सूची में हिंदी चुनें। iPhone: सेटिंग्स के सामान्य भाग में कीबोर्ड खोलकर हिंदी कीबोर्ड जोड़ें। मेन्यू के नाम फ़ोन के संस्करण के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने डिवाइस की सहायता सामग्री भी देख लें।

कीबोर्ड चालू होने के बाद इस पेज के टाइपिंग बॉक्स में क्लिक करें, भाषा हिंदी पर रखें और टाइप करना शुरू करें। अगर अक्षर अंग्रेज़ी में आ रहे हैं, तो भाषा बदलने का बटन दोबारा जाँचें।

यूनिकोड और कृतिदेव फ़ॉन्ट में अंतर

यूनिकोड आज का मानक है। इसमें हर हिंदी अक्षर का एक तय कोड होता है, इसलिए आपका लिखा हुआ पाठ वेबसाइट, मोबाइल, ईमेल और ज़्यादातर सॉफ़्टवेयर में एक जैसा दिखता है और खोजा भी जा सकता है। इस पेज का टेस्ट यूनिकोड पर आधारित है।

कृतिदेव जैसे पुराने फ़ॉन्ट असल में अंग्रेज़ी अक्षरों की जगह हिंदी आकृतियाँ दिखाते हैं। यह फ़ॉन्ट न हो तो पाठ बेमतलब अंग्रेज़ी अक्षरों में दिखता है। कुछ पुरानी परीक्षाओं और छपाई के कामों में अभी भी इनका उपयोग होता है, लेकिन नया काम करने के लिए यूनिकोड ही बेहतर है। अपनी परीक्षा में जो फ़ॉन्ट और लेआउट माँगा गया हो, उसकी अलग से तैयारी करें।

लय और सहनशक्ति बढ़ाने के तरीके

सही हिंदी टाइपिंग का राज़ एक समान लय है। हर अक्षर को लगभग बराबर समय दें, जैसे किसी गीत की ताल। जो लोग कभी दौड़ते हैं और कभी रुक जाते हैं, उनसे ज़्यादा गलतियाँ होती हैं। आसान अनुच्छेद को ऐसी गति से टाइप करें जिसमें गलती न हो, और कुछ सत्रों में धीरे-धीरे गति बढ़ाएँ।

शब्दों से दो-तीन शब्द आगे पढ़ने की आदत डालें, ताकि उँगलियाँ आँखों का इंतज़ार न करें। मात्राओं और चिह्नों के आगे अटकने की जगह उन बदलावों का अलग से अभ्यास करें। गलती हो जाए तो घबराएँ नहीं, एक साँस लेकर अपनी तय लय पर लौटें। शांत टाइपिंग अक्सर जल्दबाज़ी वाली टाइपिंग से अंत में तेज़ साबित होती है।

काम की गति बढ़ाने वाले कीबोर्ड शॉर्टकट

सिर्फ़ टाइपिंग की गति ही काम की गति तय नहीं करती। कॉपी, पेस्ट, पूर्ववत, फिर से करें, सब चुनें और खोजें जैसे आम शॉर्टकट ज़्यादातर प्रोग्राम में मिलते हैं, और इनके उपयोग से बार-बार माउस की तरफ़ हाथ नहीं जाता। शॉर्टकट आपकी उँगलियों को कीबोर्ड पर बनाए रखते हैं, जिससे लय भी नहीं टूटती।

अपने रोज़ के काम से मेल खाते दो-तीन शॉर्टकट चुनें, एक हफ़्ते तक जान-बूझकर उनका उपयोग करें और फिर नए जोड़ें। ध्यान रखें कि शॉर्टकट ऑपरेटिंग सिस्टम और प्रोग्राम के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने सिस्टम में एक बार जाँच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह हिंदी टाइपिंग टेस्ट मुफ़्त है?

हाँ। टेस्ट और सर्टिफिकेट दोनों मुफ़्त हैं और अकाउंट की ज़रूरत नहीं है।

हिंदी में टाइप करने के लिए क्या चाहिए?

आपके कंप्यूटर या फ़ोन में हिंदी कीबोर्ड (इनस्क्रिप्ट या फ़ोनेटिक) चालू होना चाहिए।

कौन-सी समय सीमा चुनें?

एक मिनट अच्छा संतुलन है। जल्दी जाँच के लिए 30 सेकंड और सहनशक्ति के लिए लंबे टेस्ट चुनें।

क्या सर्टिफिकेट हिंदी में मिलता है?

हाँ। टेस्ट पूरा करने के बाद नाम और तिथि भरकर हिंदी सर्टिफिकेट PDF डाउनलोड करें।

क्या यह सर्टिफिकेट आधिकारिक है?

नहीं। यह इस वेबसाइट पर दिए अभ्यास टेस्ट का रिकॉर्ड है।

क्या मैं मोबाइल पर हिंदी टाइपिंग का अभ्यास कर सकता हूँ?

हाँ। अपने फ़ोन में हिंदी कीबोर्ड चालू करें और पेज के टाइपिंग बॉक्स में टाइप करें।

यूनिकोड और कृतिदेव में क्या फ़र्क है?

यूनिकोड आधुनिक मानक है और हर जगह एक जैसा दिखता है। कृतिदेव पुराना फ़ॉन्ट-आधारित तरीका है।

क्या टेस्ट के लिए इंटरनेट ज़रूरी है?

पेज खोलने और फ़ॉन्ट लोड होने के लिए इंटरनेट चाहिए। टेस्ट और सर्टिफिकेट आपके ब्राउज़र में ही बनते हैं।

अक्षर अंग्रेज़ी में आ रहे हैं तो क्या करूँ?

अपने डिवाइस का हिंदी कीबोर्ड चालू करें और भाषा बदलने का बटन दबाकर हिंदी चुनें।